13वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन
विश्ि व्यापाप वंगठन वडब्ल्ययाटीओ) वाप 13िपग वमगत्रिस्त ओया वंम्मेल
विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) एक फहुऩऺीम सॊगठन है जो अॊतयााष्ट्रीम व्माऩाय औय िाणिज्म के लरए िैश्श्िक ननमभ ननधाारयत कयता है। सॊगठन के 166 सदस्म हैं श्जसका भुख्मारम श्जनेिा, श्स्िट्जयरैंड भें है। विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) का 13िाॊ भॊत्रिस्तयीम सम्भेरन 26 पयियी से 1 भार्ा, 2024 तक सॊमुक्त अयफ अभीयात (मूएई) के अफू धाफी भें आमोश्जत ककमा गमा था। भॊत्रिस्तयीम सम्भेरन हय दो सार भें एक फाय आमोश्जत ककमा जाता है औय मह सॊगठन भें ननिाम रेने िारी सिोच्र् सॊस्था है।
िैश्श्िक व्माऩाय भें इसके आर्थाक भहत्ि को देखते हुए बायत इस सॊगठन का एक प्रभुख सदस्म यहा है। मह विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) भें आिश्मक विकास ऩरयप्रेक्ष्म को साभने यखता यहा है श्जसे दोहा विकास कामासूर्ी का आधाय भाना जाता था। इसने विकासशीर देशों के हहतों की यऺा के लरए ऩद सॊबारने की अऩनी श्जम्भेदायी से ऩयहेज नहीॊ ककमा है। इसके लरए याजनेता कौशर औय
विकलसत देशों द्िाया डारे गए बायी दफाि को झेरने की ऺभता की आिश्मकता है। 13िें भॊत्रिस्तयीम सम्भेरन भें कई भुद्दे र्र्ाा के लरए आमे औय बायत विकासशीर देशों की श्स्थनत को स्ऩष्ट्ट कयने भें काभमाफ यहा। प्रभुख भुद्दे कृवि, भत्स्म ऩारन, इरेक्रॉननक कॉभसा, फौद्र्धक सॊऩदा, अ्ऩ विकलसत देश (एरडीसी), ननिेश सुविधा आहद ऩय थे। हाराॉकक, केिर ई-कॉभसा अर्धस्थगन औय फौद्र्धक सॊऩदा अर्धकायों के व्माऩाय सॊफॊधी ऩहरू (हरप्स) छूट ऩय एक सभझौता था। कैभरून भें अगरे भॊत्रिस्तयीम सम्भेरन के भद्देनजय अन्म भुद्दों ऩय श्जनेिा भें िाताा सलभनतमों भें काभ ककमा जाएगा।
भाननीम िाणिज्म औय उद्मोग भॊिी श्री ऩीमूि गोमर के नेतृत्ि भें बायत ने विकासशीर देशों के हहतों की यऺा कयने के साथ-साथ 13िें भॊत्रिस्तयीम सम्भेरन भें ऩरयिाभ सुननश्श्र्त कयने भें भहत्िऩूिा बूलभका ननबाई। बायत की िाताा दर भें िाणिज्म सर्र्ि, अनतरयक्त सर्र्ि, सॊमुक्त सर्र्ि, विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) के याजदूत औय िाणिज्म विबाग (टीएनएभ डडिीजन) के साथ-साथ बायत के स्थामी लभशन के अर्धकायी शालभर थे। विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) अध्ममन केंद्र, जो कक प्रफुद्ध भॊडर है, ने इस िाताा टीभ का सभथान ककमा।
िाताा के दौयान श्जन प्रभुख ऺेिों ऩय र्र्ाा हुई उनभें से कुछ ननम्नलरणखत थे:
i. ाृवि जहाॊ तक विकास के आमाभ का सिार है मह भहत्िऩूिा ऺेिों भें से एक है। बायत औय उसका गठफॊधन श्जसे जी-33 कहा जाता है, खाद्म सुयऺा उद्देश्मों के लरए सािाजननक स्टॉकहोश््डॊग ऩय एक ऩरयिाभ ऩय फातर्ीत कय यहे थे। हाराॉकक, विडॊफना मह है कक उन देशों ने इसका काफी वियोध ककमा जो सफसे अर्धक सश्ब्लसडी प्रदान कयते हैं। भुख्म भुद्दा बायत के न्मूनतभ सभथान भू्म (एभएसऩी) जैसे प्रशालसत भू्म तॊि के भाभरे भें सश्ब्लसडी की गिना भें इस्तेभार की जाने
िारी ऩद्धनत थी। कृवि ऩय सभझौते के हहस्से के रूऩ भें प्रशालसत भू्म को ऐनतहालसक भू्म (1986-88 का औसत) के विरुद्ध फेंर्भाका ककमा गमा है। हाराॉकक, खाद्म भुद्रास्पीनत के कायि, कृत्रिभ रूऩ से गिना ककमा गमा मह सश्ब्लसडी स्तय उच्र् हो जाता है औय न्मूनतभ स्तय का उ्रॊघन कयता है। मह िुहटऩूिा गिना ऩद्धनत ही है जो बायत जैसे विकासशीर देशों की एभएसऩी यखने भें असभथाता के भूर भें है। हाराॉकक, र्ूॊकक फारी भें भॊत्रिस्तयीम सम्भेरन के दौयान शाॊनत खॊड ऩय फातर्ीत हुई थी, इसलरए कोई बी ककसी देश को इस ऩय वििाद भें नहीॊ रे जा सकता। आश्र्मा की फात नहीॊ कक दुननमा बय के सश्ब्लसडीदाताओॊ ने इस भुद्दे ऩय ककसी बी स्थामी सभाधान ऩय आऩवि जताई।
इसके अरािा, मह ध्मान यखना उर्र्त है कक कृवि ऩय सभझौता सॊबित् सफसे वििभ सभझौतों भें से एक है क्मोंकक अर्धकाॊश विकलसत देश अऩने भौजूदा सश्ब्लसडी कामाक्रभों को अरग कयने के लरए फातर्ीत कयने भें काभमाफ यहे। मे हये फॉक्स औय नीरे फॉक्स का हहस्सा हैं, फाद िारे िे हैं जहाॊ उत्ऩादन को सीलभत कयने के लरए सश्ब्लसडी दी जाती है। हाराॉकक, कुछ विकलसत देशों ने अऩने सश्ब्लसडी
कामाक्रभों भें सुधाय ककमा है, िे इन्हें क्रभश् स्िीकामा हये औय नीरे फॉक्स भें यखने भें सऺभ हैं।
खाद्म सुयऺा के लरए सािाजननक स्टॉकहोश््डॊग के भुद्दे के अरािा, घयेरू सभथान, फाजाय ऩहुॊर्, ननमाात ननिेध/प्रनतफॊध/प्रनतस्ऩधाा औय कऩास के ऺेिों ऩय बी र्र्ाा हुई। घयेरू सभथान औय फाजाय ऩहुॊर् से सॊफॊर्धत भुद्दों ऩय मूयोऩीम सॊघ औय अभेरयका जैसे विकलसत देशों के फीर् बी भतबेद थे। इसलरए, कोई सभझौता नहीॊ हो सका औय मह भहत्िऩूिा स्तॊब इस भॊत्रिस्तयीम फैठक भें अननिाामक यहा।
ii. द्मत्सस्या वापल वंब््ंबी जून 2022 भें हुए सभझौते भें सभझौते के दो स्तॊबों को शालभर ककमा गमा, अथाात् अिैध, असूर्र्त औय अननमलभत (IUU) भछरी ऩकड़ना औय अत्मर्धक भािा भें भछरी ऩकड़ना। मह सभझौता ऺेिार्धकाय के फाहय भछरी ऩकड़ने के लरए सश्ब्लसडी ऩय बी योक रगाता है। सभझौते भें विकासशीर देशों के लरए तकनीकी सहामता औय ऺभता ननभााि के उऩाम हैं। राब प्राप्त कयने के इच्छुक सदस्मों के लरए अर्धसूर्ना औय ऩायदलशाता आिश्मकताएॉ भौजूद हैं। आऩदा याहत के लरए सश्ब्लसडी प्रदान कयने के लरए अिसय की एक णखड़की भौजूद है। अॊत भें, मह कहा गमा है
कक सभझौते के र्ाय ििों के बीतय व्माऩक वििमों को विकलसत कयने की आिश्मकता है अन्मथा इसे सभाप्त कय हदमा जाएगा।
एभसी13 भें उद्देश्म अत्मर्धक ऺभता औय अत्मर्धक भछरी ऩकड़ने के तीसये स्तॊब को देखना था। हाराॉकक, भतबेद के प्रभुख ऺेि उच्र् सभुद्र भें भछरी ऩकड़ने के लरए प्रदान की जाने िारी सश्ब्लसडी औय कायीगय भत्स्म ऩारन के लरए विशेि औय विबेदक उऩर्ाय की अऩमााप्तता थे। कई विकलसत देश गहये सभुद्र भें भछरी ऩकड़ने के लरए सश्ब्लसडी प्रदान कयते हैं औय इस ऩय कोई अनुशासन नहीॊ र्ाहते हैं। महाॊ तक कक र्ीन जैसे देशों के ऩास बी गहये सभुद्र भें अऩने फेड़े हैं, जहाॊ उनके कभार्ायी तैनात यहते हैं। कायीगय भत्स्म ऩारन ऩय, मे उन भछुआयों से सॊफॊर्धत हैं जो आजीविका के साधन हैं औय भुश्श्कर से अऩना जीिन माऩन कय ऩाते हैं। इसलरए सश्ब्लसडी को र्यिफद्ध तयीके से सभाप्त कयने के लरए उन्हें ऩमााप्त सभमािर्ध प्रदान कयना भहत्िऩूिा है। फड़े भछरी ऩकड़ने िारे देशों ने इसे स्िीकाय नहीॊ ककमा। कपय बी, वििम ऩय र्र्ाा की गई औय आगे की फातर्ीत के लरए इसे लरमा जाएगा।
iii. इलेक्ट्रॉन ा वाॉमंस इस भहत्िऩूिा ऺेि ऩय 1997 भें विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) का एक कामा कामाक्रभ था। ऐसे कई ऺेि थे श्जन ऩय र्ाय भॊर्ों ऩय फातर्ीत होनी थी। हाराॉकक, इसभें फहुत कभ प्रगनत हुई औय मह भॊत्रिस्तयीम अगरे भॊत्रिस्तयीम तक सभमसीभा के साथ काभ जायी यखना र्ाहता है। ई-कॉभसा अर्धस्थगन इरेक्रॉननक राॊसलभशन ऩय सीभा शु्क रगाने के फाये भें है। हाराॉकक स्थगन की सटीक प्रकृनत ऩय कोई स्ऩष्ट्टता नहीॊ है, रेककन एक साभान्म सभझ है कक मह इरेक्रॉननक प्रसायि जैसे कक इरेक्रॉननक ऩुस्तकों मा ऩत्रिकाओॊ से सॊफॊर्धत है। कुछ अध्ममनों ने याजस्ि हानन की भािा का सॊकेत हदमा है, हाराॊकक मह बी एक तथ्म है कक देश ऐसे राॊसलभशन ऩय कोई शु्क नहीॊ रगाते हैं मा रगाने की कोई ठोस मोजना नहीॊ है। भॊिी इस योक को फढाने ऩय सहभत हुए।
iv. बौद्धिा वंगादप वअधिाप ों वाे व्यापाप वंगबगिी वाहलट (ट्ररप्ं) फौद्र्धक सॊऩदा अर्धकायों के व्माऩाय सॊफॊधी ऩहरू (हरप्स) विश्ि व्माऩाय सॊगठन भें फौद्र्धक सॊऩदा से सॊफॊर्धत सभझौता है। भॊत्रिस्तयीम फैठक भें उठाए गए भुद्दों भें से एक गैय-उ्रॊघन औय श्स्थनतजन्म लशकामतों का था। मे ऐसी लशकामतें हैं जो हरप्स के कानूनी प्रािधानों का उ्रॊघन नहीॊ कयती हैं रेककन व्माऩाय भें फाधाएॊ ऩैदा कयने के अथा भें सभझौते की बािना के णखराप हैं। इसे हभेशा ई-कॉभसा अर्धस्थगन से जोड़ा गमा है औय महाॊ तक कक इस भॊत्रिस्तयीम फैठक भें बी मह ननिाम लरमा गमा कक सदस्म ऐसी लशकामतें शुरू नहीॊ कयेंगे।
v. बहुाक्षीया वंमझौते विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) के सिासम्भनत आधारयत दृश्ष्ट्टकोि के कायि धीभी प्रगनत के कायि, कुछ देशों ने फहुऩऺीम सभझौतों ऩय विर्ाय कयने का ननिाम लरमा। इन सभझौतों भें देशों का एक सभूह ककसी साभान्म भुद्दे ऩय एक साथ आता है औय सदस्मता फढाने का प्रमास कयता है। इन्हें सॊमुक्त िक्तव्म ऩहर मा जेएसआई के रूऩ भें सॊदलबात ककमा गमा था औय इसभें घयेरू विननमभन,
एभएसएभई, लरॊग, श्स्थयता, ननिेश सुविधा आहद जैसे कई ऺेिों को शालभर ककमा गमा था। 13िीॊ भॊत्रिशास्िीम फैठक के दौयान फहुप्रतीक्षऺत फैठकों भें एक ननिेश सुविधा थी। बायत ने ऩुयातनऩॊथी के रूऩ भें इसका वियोध ककमा क्मोंकक इस सभूह को ऐसे साभान्म उत्साह को उठाने की हहस्सेदायी के आधाय ऩय सॊगठन के फहुऩऺीम ननिाम को प्रबावित कयना ऩड़ा, श्जससे फड़े ऩैभाने ऩय सभथान प्राप्त होगा। ननिेश इकाई को रगबग 123 सदस्मों का सभथान प्राप्त था औय र्र्री तथा कोरयमा इस प्रकक्रमा का नेतृत्ि कय यहे थे।
भॊत्रिस्तयीम फैठक भें उ्रेणखत कुछ अन्म फहुऩऺीम सभझौते प्राश्स्टक प्रदूिि औय ऩमााियि की दृश्ष्ट्ट से हटकाऊ प्राश्स्टक व्माऩाय (डीऩीऩी) से सॊफॊर्धत थे, श्जन्हें 78 सदस्मों व्माऩाय औय ऩमााियिीम श्स्थयता सॊयर्र्त र्र्ााएॉ (TESSD) का सभथान प्राप्त था; श्जसे कनाडा औय कोस्टा रयका के सभन्िमक 48 सदस्मों के साथ जीिाश्भ ईंधन सश्ब्लसडी सुधाय (एपएपएसआय); औय 72 सदस्मों के साथ सेिा घयेरू विननमभन भें अच्छे ननमाभक अभ्मास का कामाान्िमन के साथ 76 सदस्मों का सभथान प्राप्त था।
ननष्ट्किात्, विश्ि व्माऩाय सॊगठन (डब्ल्मूटीओ) िाताा ननश्श्र्त रूऩ से धीभी हो गई है। हाराॉकक, मह सॊबािना है कक फातर्ीत इसी गनत से जायी यहेगी औय प्रत्मेक भॊत्रिस्तयीम िाताा के नतीजे केिर कभजोय ही होंगे। कुछ देश श्स्थयता, ऩमााियि, श्रभ, जरिामु ऩरयितान, लरॊग आहद जैसे गैय-व्माऩाय भुद्दों को कामासूर्ी का हहस्सा फनाने ऩय जोय देते यहेंगे। इन्हें विकासशीर देशों से ननमाात के विरुद्ध फाधाएॉ खड़ी कयने के उऩकयि के रूऩ भें फहुत अच्छी तयह से उऩमोग ककमा जा सकता है। धीभी प्रगनत के फािजूद बायत फहुऩऺीम प्रकक्रमा के प्रनत प्रनतफद्ध यहा है। मह हभेशा सॊतुलरत, सभताऩूिा औय विकासोन्भुख ऩरयिाभ के लरए खड़ा यहा है।
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